Tuesday, June 26, 2012

http://www.youtube.com/watch?v=V-QuqnuPKxM&feature=youtu.be

ऊपर लिखे लिंक पर क्लिक कीजिए और 20 वीं शती के एक महानायक से मिलिए...ये हैं फिराक़ गोरखपुरी

Wednesday, June 13, 2012


बेटा बड़ा हो गया है
रसे बाद अचानक

घर में किताबों की आमद बढ़ गई है
पॉलो कोल्हो..चार्ल्स डिकेंस...
.... रस्किन बॉंड और.....
और बहुत सारी दूसरी किताबें

मैं उन नये पन्नों की खुशबू सूंघता हूं
मुझे एक पीढ़ी का अहसास होता है
मैं उनके कवर पेज पर
एक ज़िंदगी की शुरुआत देखता हूं
नई कोंपलों जैसी नरमी.....
और सुबह के सूरज की किरणों की गुनगुनाहट
उनमें चिड़ियों की चहचहाहट भी सुनाई पड़ती है

मेरे भीतर का बच्चा बड़ा होने लगा है....

जब से क़िताबें.......घर आने लगी हैं